महाभारत 2.7.18
जलवाहास्तथा मेघा वायवः स्तनयित्नवःप्राची दिग्यज्ञवाहाश्च पावकाः सप्तविंशतिः
jalavāhāstathā meghā vāyavaḥ stanayitnavaḥprācī digyajñavāhāśca pāvakāḥ saptaviṃśatiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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