महाभारत 2.8.11भरतस्तथा सुरथः सुनीथो नैषधो नलःदिवोदासोऽथ सुमना अम्बरीषो भगीरथःbharatastathā surathaḥ sunītho naiṣadho nalaḥdivodāso'tha sumanā ambarīṣo bhagīrathaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें