महाभारत 2.9.19
विपाशा च शतद्रुश्च चन्द्रभागा सरस्वतीइरावती वितस्ता च सिन्धुर्देवनदस्तथा
vipāśā ca śatadruśca candrabhāgā sarasvatīirāvatī vitastā ca sindhurdevanadastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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