महाभारत 3.121.11
हिरण्मयीभिर्गोभिश्च कृताभिर्विश्वकर्मणाब्राह्मणांस्तर्पयामास नानादिग्भ्यः समागतान्
hiraṇmayībhirgobhiśca kṛtābhirviśvakarmaṇābrāhmaṇāṃstarpayāmāsa nānādigbhyaḥ samāgatān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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