महाभारत 3.121.16
ततोऽस्य सर्वाण्याचख्यौ लोमशो भगवानृषिःतीर्थानि रमणीयानि तत्र तत्र विशां पते
tato'sya sarvāṇyācakhyau lomaśo bhagavānṛṣiḥtīrthāni ramaṇīyāni tatra tatra viśāṃ pate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें