महाभारत 3.126.38
तेन पद्मसहस्राणि गवां दश महात्मनाब्राह्मणेभ्यो महाराज दत्तानीति प्रचक्षते
tena padmasahasrāṇi gavāṃ daśa mahātmanābrāhmaṇebhyo mahārāja dattānīti pracakṣate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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