महाभारत 3.151.9
तां च दृष्ट्वैव कौन्तेयो भीमसेनो महाबलःबभूव परमप्रीतो दिव्यं संप्रेक्ष्य तत्सरः
tāṃ ca dṛṣṭvaiva kaunteyo bhīmaseno mahābalaḥbabhūva paramaprīto divyaṃ saṃprekṣya tatsaraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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