महाभारत 3.165.3
अथाब्रवीत्पुनर्देवः संप्रहृष्टतनूरुहःअस्त्रयुद्धे समो वीर न ते कश्चिद्भविष्यति
athābravītpunardevaḥ saṃprahṛṣṭatanūruhaḥastrayuddhe samo vīra na te kaścidbhaviṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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