महाभारत 3.166.14आयसैश्च महाशूलैर्गदाभिर्मुसलैरपिपट्टिशैः करवालैश्च रथचक्रैश्च भारतāyasaiśca mahāśūlairgadābhirmusalairapipaṭṭiśaiḥ karavālaiśca rathacakraiśca bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें