महाभारत 3.166.23
ते वै मामनुरूपाभिर्मधुराभिर्जयैषिणःअस्तुवन्मुनयो वाग्भिर्यथेन्द्रं तारकामये
te vai māmanurūpābhirmadhurābhirjayaiṣiṇaḥastuvanmunayo vāgbhiryathendraṃ tārakāmaye
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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