महाभारत 3.171.12
दिष्ट्या च भगवान्स्थाणुर्देव्या सह परंतपसाक्षाद्दृष्टः सुयुद्धेन तोषितश्च त्वयानघ
diṣṭyā ca bhagavānsthāṇurdevyā saha paraṃtapasākṣāddṛṣṭaḥ suyuddhena toṣitaśca tvayānagha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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