महाभारत 3.172.3
ततो धनंजयो राजन्देवैर्दत्तानि पाण्डवःअस्त्राणि तानि दिव्यानि दर्शयामास भारत
tato dhanaṃjayo rājandevairdattāni pāṇḍavaḥastrāṇi tāni divyāni darśayāmāsa bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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