महाभारत 3.198.94
एतत्ते सर्वमाख्यातं यथाप्रज्ञं यथाश्रुतम्शिष्टाचारगुणान्ब्रह्मन्पुरस्कृत्य द्विजर्षभ
etatte sarvamākhyātaṃ yathāprajñaṃ yathāśrutamśiṣṭācāraguṇānbrahmanpuraskṛtya dvijarṣabha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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