महाभारत 3.217.11
एष वीराष्टकः प्रोक्तः स्कन्दमातृगणोद्भवःछागवक्त्रेण सहितो नवकः परिकीर्त्यते
eṣa vīrāṣṭakaḥ proktaḥ skandamātṛgaṇodbhavaḥchāgavaktreṇa sahito navakaḥ parikīrtyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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