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महाभारत 3.217.3
स भूत्वा भगवान्संख्ये रक्षंश्छागमुखस्तदावृतः कन्यागणैः सर्वैरात्मनीनैश्च पुत्रकैः
sa bhūtvā bhagavānsaṃkhye rakṣaṃśchāgamukhastadāvṛtaḥ kanyāgaṇaiḥ sarvairātmanīnaiśca putrakaiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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