महाभारत 3.283.12
ततः कालेन महता सावित्र्याः कीर्तिवर्धनम्तद्वै पुत्रशतं जज्ञे शूराणामनिवर्तिनाम्
tataḥ kālena mahatā sāvitryāḥ kīrtivardhanamtadvai putraśataṃ jajñe śūrāṇāmanivartinām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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