महाभारत 3.4.5
द्रौपद्या सह संगम्य पश्यमानोऽभ्ययात्प्रभुःमहानसे तदान्नं तु साधयामास पाण्डवः
draupadyā saha saṃgamya paśyamāno'bhyayātprabhuḥmahānase tadānnaṃ tu sādhayāmāsa pāṇḍavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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