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महाभारत 3.47.6
ब्राह्मणानां सहस्राणि स्नातकानां महात्मनाम्दश मोक्षविदां तद्वद्यान्बिभर्ति युधिष्ठिरः
brāhmaṇānāṃ sahasrāṇi snātakānāṃ mahātmanāmdaśa mokṣavidāṃ tadvadyānbibharti yudhiṣṭhiraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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