महाभारत 3.63.11
ततः संख्यातुमारब्धमदशद्दशमे पदेतस्य दष्टस्य तद्रूपं क्षिप्रमन्तरधीयत
tataḥ saṃkhyātumārabdhamadaśaddaśame padetasya daṣṭasya tadrūpaṃ kṣipramantaradhīyata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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