महाभारत 3.65.24
युक्तं तस्याप्रमेयस्य वीर्यसत्त्ववतो मयासमाश्वासयितुं भार्यां पतिदर्शनलालसाम्
yuktaṃ tasyāprameyasya vīryasattvavato mayāsamāśvāsayituṃ bhāryāṃ patidarśanalālasām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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