महाभारत 3.69.18
ततो युक्तं रथं राजा समारोहत्त्वरान्वितःअथ पर्यपतन्भूमौ जानुभिस्ते हयोत्तमाः
tato yuktaṃ rathaṃ rājā samārohattvarānvitaḥatha paryapatanbhūmau jānubhiste hayottamāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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