महाभारत 3.69.27
अथ वा यां नलो वेद विद्यां तामेव बाहुकःतुल्यं हि लक्षये ज्ञानं बाहुकस्य नलस्य च
atha vā yāṃ nalo veda vidyāṃ tāmeva bāhukaḥtulyaṃ hi lakṣaye jñānaṃ bāhukasya nalasya ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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