महाभारत 3.69.28
अपि चेदं वयस्तुल्यमस्य मन्ये नलस्य चनायं नलो महावीर्यस्तद्विद्यस्तु भविष्यति
api cedaṃ vayastulyamasya manye nalasya canāyaṃ nalo mahāvīryastadvidyastu bhaviṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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