महाभारत 3.69.31
वयःप्रमाणं तत्तुल्यं रूपेण तु विपर्ययःनलं सर्वगुणैर्युक्तं मन्ये बाहुकमन्ततः
vayaḥpramāṇaṃ tattulyaṃ rūpeṇa tu viparyayaḥnalaṃ sarvaguṇairyuktaṃ manye bāhukamantataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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