महाभारत 3.7.5
तमानयस्व धर्मज्ञं मम भ्रातरमाशु वैइति ब्रुवन्स नृपतिः करुणं पर्यदेवयत्
tamānayasva dharmajñaṃ mama bhrātaramāśu vaiiti bruvansa nṛpatiḥ karuṇaṃ paryadevayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें