महाभारत 3.80.41
नृलोके देवदेवस्य तीर्थं त्रैलोक्यविश्रुतम्पुष्करं नाम विख्यातं महाभागः समाविशेत्
nṛloke devadevasya tīrthaṃ trailokyaviśrutampuṣkaraṃ nāma vikhyātaṃ mahābhāgaḥ samāviśet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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