महाभारत 3.83.16
श्रीपर्वतं समासाद्य नदीतीर उपस्पृशेत्अश्वमेधमवाप्नोति स्वर्गलोकं च गच्छति
śrīparvataṃ samāsādya nadītīra upaspṛśetaśvamedhamavāpnoti svargalokaṃ ca gacchati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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