महाभारत 3.83.31
वेण्णायाः संगमे स्नात्वा वाजपेयफलं लभेत्वरदासंगमे स्नात्वा गोसहस्रफलं लभेत्
veṇṇāyāḥ saṃgame snātvā vājapeyaphalaṃ labhetvaradāsaṃgame snātvā gosahasraphalaṃ labhet
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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