Loading
महाभारत 3.83.78
न वेदवचनात्तात न लोकवचनादपिमतिरुत्क्रमणीया ते प्रयागमरणं प्रति
na vedavacanāttāta na lokavacanādapimatirutkramaṇīyā te prayāgamaraṇaṃ prati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंन वेदवचनात्तात न लोकवचनादपिमतिरुत्क्रमणीया ते प्रयागमरणं प्रति
na vedavacanāttāta na lokavacanādapimatirutkramaṇīyā te prayāgamaraṇaṃ prati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें