महाभारत 3.83.85
इदं धर्म्यमिदं पुण्यमिदं मेध्यमिदं सुखम्इदं स्वर्ग्यमिदं रम्यमिदं पावनमुत्तमम्
idaṃ dharmyamidaṃ puṇyamidaṃ medhyamidaṃ sukhamidaṃ svargyamidaṃ ramyamidaṃ pāvanamuttamam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें