महाभारत 3.83.97
भीष्मश्च कुरुशार्दूल शास्त्रतत्त्वार्थदर्शिवान्पुलस्त्यवचनाच्चैव पृथिवीमनुचक्रमे
bhīṣmaśca kuruśārdūla śāstratattvārthadarśivānpulastyavacanāccaiva pṛthivīmanucakrame
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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