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महाभारत 3.88.6
अग्नयः सहदेवेन ये चिता यमुनामनुशतं शतसहस्राणि सहस्रशतदक्षिणाः
agnayaḥ sahadevena ye citā yamunāmanuśataṃ śatasahasrāṇi sahasraśatadakṣiṇāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअग्नयः सहदेवेन ये चिता यमुनामनुशतं शतसहस्राणि सहस्रशतदक्षिणाः
agnayaḥ sahadevena ye citā yamunāmanuśataṃ śatasahasrāṇi sahasraśatadakṣiṇāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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