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महाभारत 3.9.4
तदयं किं नु पापात्मा तव पुत्रः सुमन्दधीःपाण्डवान्नित्यसंक्रुद्धो राज्यहेतोर्जिघांसति
tadayaṃ kiṃ nu pāpātmā tava putraḥ sumandadhīḥpāṇḍavānnityasaṃkruddho rājyahetorjighāṃsati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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