महाभारत 3.91.23
ते तथेति प्रतिज्ञाय कृष्णया सह पाण्डवाःकृतस्वस्त्ययनाः सर्वे मुनिभिर्दिव्यमानुषैः
te tatheti pratijñāya kṛṣṇayā saha pāṇḍavāḥkṛtasvastyayanāḥ sarve munibhirdivyamānuṣaiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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