महाभारत 3.91.2
राजंस्तीर्थानि गन्तासि पुण्यानि भ्रातृभिः सहदेवर्षिणा च सहितो लोमशेन महात्मना
rājaṃstīrthāni gantāsi puṇyāni bhrātṛbhiḥ sahadevarṣiṇā ca sahito lomaśena mahātmanā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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