महाभारत 3.93.17
अमूर्तरयसः पुत्रो गयो राजर्षिसत्तमःपुण्यानि यस्य कर्माणि तानि मे शृणु भारत
amūrtarayasaḥ putro gayo rājarṣisattamaḥpuṇyāni yasya karmāṇi tāni me śṛṇu bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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