महाभारत 3.97.2
तेषां ततोऽसुरश्रेष्ठ आतिथ्यमकरोत्तदास संस्कृतेन कौरव्य भ्रात्रा वातापिना किल
teṣāṃ tato'suraśreṣṭha ātithyamakarottadāsa saṃskṛtena kauravya bhrātrā vātāpinā kila
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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