Loading
महाभारत 4.26.10
विज्ञाय क्रियतां तस्माद्भूयश्च मृगयामहेब्राह्मणैश्चारकैः सिद्धैर्ये चान्ये तद्विदो जनाः
vijñāya kriyatāṃ tasmādbhūyaśca mṛgayāmahebrāhmaṇaiścārakaiḥ siddhairye cānye tadvido janāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें