महाभारत 4.34.1
उत्तर उवाच · uttara uvāca
अद्याहमनुगच्छेयं दृढधन्वा गवां पदम्यदि मे सारथिः कश्चिद्भवेदश्वेषु कोविदः
adyāhamanugaccheyaṃ dṛḍhadhanvā gavāṃ padamyadi me sārathiḥ kaścidbhavedaśveṣu kovidaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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