महाभारत 4.37.9
एष वीरो महेष्वासः सर्वशस्त्रभृतां वरःआगतः क्लीबवेषेण पार्थो नास्त्यत्र संशयः
eṣa vīro maheṣvāsaḥ sarvaśastrabhṛtāṃ varaḥāgataḥ klībaveṣeṇa pārtho nāstyatra saṃśayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें