महाभारत 4.43.21
कामं गच्छन्तु कुरवो धनमादाय केवलम्रथेषु वापि तिष्ठन्तो युद्धं पश्यन्तु मामकम्
kāmaṃ gacchantu kuravo dhanamādāya kevalamratheṣu vāpi tiṣṭhanto yuddhaṃ paśyantu māmakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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