महाभारत 5.113.12
सदा देवमनुष्याणामसुराणां च गालवकाङ्क्षिता रूपतो बाला सुता मे प्रतिगृह्यताम्
sadā devamanuṣyāṇāmasurāṇāṃ ca gālavakāṅkṣitā rūpato bālā sutā me pratigṛhyatām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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