महाभारत 5.113.17
गते पतगराजे तु गालवः सह कन्ययाचिन्तयानः क्षमं दाने राज्ञां वै शुल्कतोऽगमत्
gate patagarāje tu gālavaḥ saha kanyayācintayānaḥ kṣamaṃ dāne rājñāṃ vai śulkato'gamat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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