महाभारत 5.134.16
इदमुद्धर्षणं भीमं तेजोवर्धनमुत्तमम्राजानं श्रावयेन्मन्त्री सीदन्तं शत्रुपीडितम्
idamuddharṣaṇaṃ bhīmaṃ tejovardhanamuttamamrājānaṃ śrāvayenmantrī sīdantaṃ śatrupīḍitam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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