महाभारत 5.161.7शिखण्डिनं च भीष्माय प्रमुखे समकल्पयत्सहदेवं शकुनये चेकितानं शलाय चśikhaṇḍinaṃ ca bhīṣmāya pramukhe samakalpayatsahadevaṃ śakunaye cekitānaṃ śalāya caइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें