महाभारत 5.99.11
त्रिवारः सप्तवारश्च वाल्मीकिर्द्वीपकस्तथादैत्यद्वीपः सरिद्द्वीपः सारसः पद्मकेसरः
trivāraḥ saptavāraśca vālmīkirdvīpakastathādaityadvīpaḥ sariddvīpaḥ sārasaḥ padmakesaraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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