महाभारत 6.10.71देवमानुषकायानां कामं भूमिः परायणम्अन्योन्यस्यावलुम्पन्ति सारमेया इवामिषम्devamānuṣakāyānāṃ kāmaṃ bhūmiḥ parāyaṇamanyonyasyāvalumpanti sārameyā ivāmiṣamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें