महाभारत 6.13.19
गोविन्दात्तु परो राजन्निबिडो नाम पर्वतःपरस्तु द्विगुणस्तेषां विष्कम्भो वंशवर्धन
govindāttu paro rājannibiḍo nāma parvataḥparastu dviguṇasteṣāṃ viṣkambho vaṃśavardhana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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