महाभारत 6.13.25
तं पर्युपासते नित्यं देवाः सर्वे महर्षिभिःवाग्भिर्मनोनुकूलाभिः पूजयन्तो जनाधिप
taṃ paryupāsate nityaṃ devāḥ sarve maharṣibhiḥvāgbhirmanonukūlābhiḥ pūjayanto janādhipa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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