महाभारत 6.13.27
विप्राणां ब्रह्मचर्येण सत्येन च दमेन चआरोग्यायुःप्रमाणाभ्यां द्विगुणं द्विगुणं ततः
viprāṇāṃ brahmacaryeṇa satyena ca damena caārogyāyuḥpramāṇābhyāṃ dviguṇaṃ dviguṇaṃ tataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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